Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

Pages

ब्रेकिंग

latest
//

भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में NPA अब तक के सबसे निचले स्तर पर: निर्मला सीतारमण

  नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) अब तक ...

 


नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई हैं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक अब सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए पहले से कहीं अधिक मजबूत स्थिति में हैं।

वित्त मंत्री ने पीएसबी कॉन्फ्लुएंस 2026 के उद्घाटन सत्र में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के शीर्ष अधिकारियों को संबोधित करते हुए यह बात कही। दो दिवसीय सम्मेलन में बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जा रही है।

सीतारमण ने बताया कि वित्तीय सेवा विभाग ने उनके कार्यकाल में पहली बार सम्मेलन में चर्चा के लिए चुने गए सात विषयों पर विस्तृत शोध दस्तावेज तैयार किए हैं।

उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से जुड़े दस्तावेज का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें भारत की युवा आबादी को उम्र और जीवन के अलग-अलग चरणों के आधार पर समझाया गया है। उन्होंने बताया कि भारत की करीब 29 प्रतिशत आबादी 15 से 29 वर्ष के बीच है और बैंकों को अपनी योजनाएं बनाते समय इस बड़ी युवा आबादी को ध्यान में रखना चाहिए।

वित्त मंत्री ने कहा कि सम्मेलन के लिए तैयार किए गए सातों दस्तावेजों में दुनिया के अलग-अलग देशों में अपनाई गई अच्छी व्यवस्थाओं को शामिल किया गया है। इन्हें सम्मेलन में शामिल अधिकारियों को पहले ही उपलब्ध कराया गया है, ताकि चर्चा केवल विचारों तक सीमित न रहे, बल्कि ऐसे सुझाव सामने आएं जिन्हें वास्तव में लागू किया जा सके।

सीतारमण ने कहा कि यह सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है जब ‘विकसित भारत’ के लिए बैंकिंग क्षेत्र पर एक उच्चस्तरीय समिति के गठन की घोषणा होने की उम्मीद है। सम्मेलन से निकलने वाले सुझाव इस समिति के लिए बैंकिंग क्षेत्र के भविष्य की भूमिका तय करने में उपयोगी हो सकते हैं।

एनपीए में आई तेज गिरावट का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि बैंकों ने कठिन दौर में अपने खातों की सफाई की प्रक्रिया के जरिए विश्वसनीयता हासिल की है। अब बैंक संकट से निपटने के बजाय मजबूत स्थिति से सुधारों को आगे बढ़ाने की स्थिति में हैं।

पीएसबी कॉन्फ्लुएंस में चर्चा के लिए सात प्रमुख विषय चुने गए हैं। इनमें जमा बढ़ाना, युवाओं के लिए बैंकिंग सेवाएं, निवेश को बढ़ावा देना, वैश्विक क्षमता केंद्र, कृषि और बागवानी क्षेत्र की मूल्य श्रृंखला के लिए ढांचा, प्राथमिकता क्षेत्र को ऋण और क्रेडिट कार्ड कारोबार में बदलाव शामिल हैं।


No comments

दुनिया

//