अंबिकापुर। मैनपाट क्षेत्र के सुपलगा में एक अनोखी शादी हुई। अक्सर वर पक्ष बारात लेकर वधू पक्ष के घर पहुंचता है, लेकिन यहां दुल्हन बारात लेकर ...
अंबिकापुर। मैनपाट क्षेत्र के सुपलगा में एक अनोखी शादी हुई। अक्सर वर पक्ष बारात लेकर वधू पक्ष के घर पहुंचता है, लेकिन यहां दुल्हन बारात लेकर दूल्हे के घर पहुंंची। शादी के रस्में पूरी होने के बाद व दूल्हे की विदाई कराकर अपने घर ले गई। विदाई के दौरान दूल्हा अपने माता-पिता के गले लगकर रोया। इस दौरान दूल्हे पक्ष के परिजनों की आंखें नम हो गईं। यह शादी अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। शादी में दोनों पक्षों के काफी संख्या में लोग इकट्ठे हुए थे। शादी का खर्च दोनों पक्षों ने मिलकर उठाया।
मैनपाट के ग्राम सुपलगा में वर्तमान सामाजिक परंपराओं के उलट एक अनोखी शादी देखने को मिली। दुल्हन देवमुनी एक्का और ब्लासियूस बरवा की रीति-रिवाज के साथ 3 दिन पूर्व शादी हुई। खास बात यह रही कि दुल्हन बारात लेकर दूल्हे के घर पहुंची। इसमें काफी संख्या में बाराती शामिल हुए। शादी की पूरी रस्में निभाई गईं और दुल्हन दूल्हे को विदा कर ले गई।
इस संबंध में दुल्हन के पिता ने बताया कि वे खेती-किसानी करते हैं। उसकी 4 बेटियां हैं, वह लंबे समय से ऐसे जमाई की तलाश में था जो घर में बेटा बनकर रहे। इसी बीच ग्राम सुपलगा निवासी बरवा परिवार इस शादी के लिए राजी हुआ।
कन्यादान की जगह वर दान
अक्सर लडक़ा पक्ष के लोग बारात लेकर लडक़ी के घर जाते हैं। दुल्हन का पिता बेटी का कन्या दान करता है। लेकिन इस शादी में उल्टा हुआ। दुल्हन बारात लेकर दूल्हे के घर पहुंची और लडक़े के माता पिता ने वर दान किया। बारात में शामिल दर्जनों महिला-पुरुष इस अनोखी शादी के गवाह बने।


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