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एचपीवी टीकाकरण अभियान पर विश्व स्वास्थ्य संगठन प्रमुख की सराहना, नरेंद्र मोदी की पहल को मिला समर्थन

  नई दिल्ली। महिलाओं के लिए शुरू किए गए एचपीवी टीकाकरण अभियान को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भार...

 


नई दिल्ली। महिलाओं के लिए शुरू किए गए एचपीवी टीकाकरण अभियान को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार की पहल की सराहना की है। इस अभियान का उद्देश्य लड़कियों को गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर से बचाव के लिए व्यापक सुरक्षा प्रदान करना है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रशंसा करते हुए लिखा कि लड़कियों को गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर से बचाने के लिए देशव्यापी एचपीवी टीकाकरण अभियान शुरू करना महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि गर्भाशय ग्रीवा कैंसर उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए वैश्विक स्तर पर मिलकर काम करने की आवश्यकता है, ताकि महिलाएं इस रोकथाम योग्य बीमारी से मुक्त जीवन जी सकें।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अजमेर से 14 वर्ष की लड़कियों के लिए देशव्यापी ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) टीकाकरण कार्यक्रम की शुरुआत की। इस पहल को गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर को समाप्त करने की दिशा में राष्ट्रव्यापी अभियान के रूप में स्थापित किया गया है। भारत में महिलाओं में कैंसर से होने वाली मौतों के प्रमुख कारणों में गर्भाशय ग्रीवा कैंसर शामिल है।

यह अभियान हर वर्ष सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 1.15 करोड़ 14 वर्ष की लड़कियों को ध्यान में रखकर शुरू किया गया है। वैक्सीन निर्धारित सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर मुफ्त उपलब्ध कराई जाएगी।

टीकाकरण आयुष्मान आरोग्य मंदिर (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, उप-जिला और जिला अस्पतालों के साथ-साथ सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में किया जाएगा। प्रत्येक सत्र का पर्यवेक्षण प्रशिक्षित चिकित्सा अधिकारी करेंगे, जिन्हें कुशल स्वास्थ्य देखभाल टीमें सहयोग देंगी।

सभी टीकाकरण स्थलों पर फंक्शनल कोल्ड चेन पॉइंट (सीसीपी) उपलब्ध होंगे, ताकि वैक्सीन की गुणवत्ता सुनिश्चित रहे। किसी भी दुर्लभ प्रतिकूल प्रभाव (एईएफआई) की स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। टीकाकरण से पहले माता-पिता या अभिभावकों की सूचित सहमति ली जाएगी।

यह विशेष अभियान तीन महीने तक मिशन मोड में संचालित होगा। इस अवधि में पात्र लड़कियां निर्धारित केंद्रों पर प्रतिदिन वैक्सीन लगवा सकेंगी। इसके बाद यह सुविधा नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत जारी रहेगी।


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