नई दिल्ली। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के जूडो खिलाड़ियों अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने इतिहास रचते हुए देश को दो स्वर्ण पदक दिलाए। अस्मिता...
नई दिल्ली। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के जूडो खिलाड़ियों अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने इतिहास रचते हुए देश को दो स्वर्ण पदक दिलाए। अस्मिता डे महिलाओं के 48 किग्रा वर्ग में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय जूडोका बनीं, जबकि हर्ष सिंह पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग में स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने। दोनों खिलाड़ियों की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया और त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने बधाई दी।
अस्मिता डे ने महिलाओं के 48 किग्रा वर्ग के फाइनल में कनाडा की हेइडी क्वैच को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके कुछ ही देर बाद हर्ष सिंह ने पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के जोशुआ कैट्ज को हराकर भारत को जूडो में दूसरा स्वर्ण पदक दिलाया। दोनों जीतों के साथ भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में जूडो में नया अध्याय लिखा।
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि यह भारतीय जूडो के लिए ऐतिहासिक दिन है। उन्होंने कहा कि अस्मिता डे और हर्ष सिंह का प्रदर्शन वर्षों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों खिलाड़ी भविष्य में भी देश का नाम रोशन करेंगे और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अस्मिता डे को बधाई देते हुए कहा कि महिलाओं के 48 किग्रा वर्ग में उनका स्वर्ण पदक प्रदर्शन लंबे समय तक याद रखा जाएगा और इससे देश में जूडो को नई पहचान मिलेगी। वहीं, हर्ष सिंह की उपलब्धि पर प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका जुनून, समर्पण और शानदार प्रदर्शन भारतीय जूडो के लिए ऐतिहासिक क्षण है। उन्होंने दोनों खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने अस्मिता डे को बधाई देते हुए कहा कि खेलो इंडिया एथलीट ने कॉमनवेल्थ गेम्स में महिलाओं के 48 किग्रा वर्ग में स्वर्ण जीतकर इतिहास रच दिया है। उन्होंने कहा कि अस्मिता कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय जूडोका बन गई हैं।
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने अस्मिता डे को बधाई देते हुए कहा कि बेलोनिया की इस प्रतिभाशाली जूडोका ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर राज्य और देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि अस्मिता की कड़ी मेहनत, समर्पण और आत्मविश्वास देश की युवा पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा।


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