नई दिल्ली। लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर, एवीएसएम, वीएसएम ने 1 जुलाई, 2026 को भारतीय सेना की दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (जी...
नई दिल्ली। लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर, एवीएसएम, वीएसएम ने 1 जुलाई, 2026 को भारतीय सेना की दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (जीओसी-इन-सी) के रूप में कार्यभार संभाल लिया। उन्होंने लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन, एवीएसएम, एसएम का स्थान लिया है, जिन्होंने हाल ही में सेना के उप थल सेनाध्यक्ष (वाइस चीफ ऑफ द आर्मी स्टाफ) का पदभार ग्रहण किया है।
राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व छात्र लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर को दिसंबर 1988 में 74 बख्तरबंद रेजिमेंट में कमीशन मिला था। उनका चार दशक से अधिक का गौरवशाली सैन्य करियर रहा है, जिसमें उन्होंने विभिन्न भौगोलिक और परिचालन परिस्थितियों में कमांड, स्टाफ और प्रशिक्षण संबंधी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान द्वितीय कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग के रूप में उन्होंने निर्णायक नेतृत्व और रणनीतिक दूरदर्शिता का परिचय दिया।
लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर ने एक ऑपरेशनल क्षेत्र में बख्तरबंद रेजिमेंट, एक रणनीतिक स्वतंत्र बख्तरबंद ब्रिगेड, एक इन्फैंट्री डिवीजन और पश्चिमी सेक्टर की एक प्रमुख स्ट्राइक कोर की कमान संभाली है। उन्होंने स्ट्राइक कोर में कर्नल मिलिट्री सेक्रेटरी, पश्चिमी सेक्टर में बख्तरबंद डिवीजन के कर्नल जनरल स्टाफ, स्ट्राइक कोर के ब्रिगेडियर क्वार्टरमास्टर जनरल, ऑपरेशनल कमांड के ब्रिगेडियर जनरल स्टाफ, अपर महानिदेशक (बख्तरबंद कोर) और महानिदेशक प्रादेशिक सेना जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी सेवाएं दी हैं। वह राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खड़कवासला में प्रशिक्षक भी रह चुके हैं।
जनरल ऑफिसर ने भूटान में भारतीय सैन्य प्रशिक्षण दल के सदस्य के रूप में तथा आर्मेनिया और बेलारूस में भारतीय दूतावासों में रक्षा एवं सैन्य अटैची के रूप में भी सेवाएं दी हैं। उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी से स्नातक करने के अलावा रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज, रक्षा प्रबंधन कॉलेज और नेशनल डिफेंस कॉलेज ऑफ इंडिया से उच्च शिक्षा प्राप्त की है। उनके पास रक्षा एवं सामरिक अध्ययन, प्रबंधन अध्ययन तथा रक्षा एवं अंतरराष्ट्रीय संबंधों में स्नातकोत्तर उपाधियां हैं।
लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर को उत्कृष्ट सेवाओं के लिए अति विशिष्ट सेवा पदक (एवीएसएम), विशिष्ट सेवा पदक (वीएसएम), सेना प्रमुख की प्रशस्ति तथा तीन सेना कमांडरों की प्रशस्तियों से सम्मानित किया जा चुका है।
कार्यभार संभालने के बाद लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर ने दक्षिणी कमान युद्ध स्मारक पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और दक्षिणी कमान मुख्यालय में गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया। उन्होंने दक्षिणी कमान की उच्चतम परिचालन तत्परता बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए संयुक्त कार्यकुशलता बढ़ाने, स्वदेशी क्षमता विकास और उभरती प्रौद्योगिकियों के तेजी से एकीकरण पर जोर दिया। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी अधिकारी और जवान भारतीय सेना की गौरवशाली परंपराओं को कायम रखते हुए राष्ट्र सेवा में सर्वोच्च परिचालन उत्कृष्टता बनाए रखेंगे।


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