कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में पुलिस ने एक साल पुराने हत्या के मामले का खुलासा किया है। जिस घटना को पहले सामान्य हादसा माना जा रहा था,...
कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में पुलिस ने एक साल पुराने हत्या के मामले का खुलासा किया है। जिस घटना को पहले सामान्य हादसा माना जा रहा था, वह दरअसल एक सोची-समझी साजिश निकली। जांच में पता चला कि मृतक की हत्या करंट लगाकर की गई थी और इसे दुर्घटना दिखाने की कोशिश की गई थी। मामले की जांच के दौरान पुलिस को कई अहम सबूत मिले, जिनके आधार पर पूरी साजिश का पर्दाफाश हुआ। पुलिस ने इस मामले में मृतक की पत्नी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कार्रवाई जारी है।
खेत में मिली थी लाश, मामला था पूरी तरह संदिग्ध
घटना 24 मई 2025 की है, जब दल्लीराजहरा निवासी मुकेश विश्वास का शव संदिग्ध हालत में बरामद हुआ था। शुरुआती जांच में कोई गवाह या मजबूत सबूत नहीं मिलने से मामला उलझा हुआ था। पुलिस ने इसे सामान्य दुर्घटना मानकर जांच आगे बढ़ाई। पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि मौत बिजली के तेज करंट लगने से हुई थी। मृतक के हाथों और उंगलियों पर गंभीर जलने के निशान पाए गए, जिससे साफ हो गया कि यह हादसा नहीं बल्कि हत्या थी।
अवैध संबंध बना हत्या की वजह
पुलिस जांच के दौरान सामने आया कि मृतक की पत्नी सरस्वती विश्वास और इंद्रजीत दास के बीच लंबे समय से करीबी संबंध थे। जांच में मिले साक्ष्यों के अनुसार, जब मुकेश विश्वास को इस बात की जानकारी हुई तो परिवार में अक्सर विवाद होने लगा। दोनों के बीच रिश्तों में तनाव बढ़ता गया और मामला इतना गंभीर हो गया कि मुकेश अपनी पत्नी से अलग होने की तैयारी कर रहा था। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर एक साजिश रची, जिसके बाद यह पूरी घटना सामने आई।
शराब पिलाकर रची गई हत्या की साजिश
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने योजना के तहत मुकेश विश्वास को एक सुनसान जगह पर बुलाया। वहां उसे अधिक मात्रा में शराब पिलाई गई, जिससे वह पूरी तरह बेहोशी की हालत में पहुंच गया। इसके बाद आरोपियों ने ट्यूबवेल में इस्तेमाल होने वाले बिजली के तार की मदद से उसे करंट लगाया, जिससे उसकी मौत हो गई। जांच में यह भी सामने आया कि घटना को दुर्घटना दिखाने के उद्देश्य से शव को उसी स्थान पर छोड़ दिया गया था, ताकि किसी को हत्या की आशंका न हो और मामला सामा
चार आरोपी गिरफ्तार, साजिश का हुआ खुलासा
पुलिस ने जांच के दौरान कॉल डिटेल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले का खुलासा किया। इसके बाद आरोपियों का क्राइम सीन रीकंस्ट्रक्शन कराया गया, जिसमें उन्होंने अपराध कबूल कर लिया। इस मामले में पुलिस ने सरस्वती विश्वास, इंद्रजीत दास, सुरेंद्र बछाड़ और रंजीत सरकार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।


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